April 18, 2022

भूगोल का परिचय और ब्रह्माण्ड - Introduction to Geography and the Universe

भूगोल का परिचय और ब्रह्माण्ड - Introduction to Geography and the Universe


भूगोल

भूगोल (Geography) वह शास्त्र है जिसके द्वारा पृथ्वी के ऊपरी स्वरुप और उसके प्राकृतिक विभागों (जैसे पहाड़, महादेश, देश, नगर, नदी, समुद्र, झील, डमरुमध्य, उपत्यका, अधित्यका, वन आदि) का ज्ञान होता है।


Geography (ज्योग्राफी) यूनानी भाषा के दो शब्द Geo (पृथ्वी) तथा Graphy (ग्राफी) अर्थात नापने से बना है, जिसका अर्थ होता है पृथ्वी को नापना अर्थात पृथ्वी का वर्णन करना।


सामान्य शब्दों में हम कह सकते है है कि ज्याग्राफी का अर्थ है - पृथ्वी का वर्णन | एक विषय के रूप में भूगोल (भू+गोल) का शाब्दिक अर्थ होता है - गोल पृथ्वी । 


भूगोल पृथ्वी कि झलक को स्वर्ग में देखने वाला आभामय विज्ञान हैं -- क्लाडियस टॉलमी।


भूगोल एक ऐसा स्वतंत्र विषय है, जिसका उद्देश्य लोगों को इस विश्व का आकाशीय पिण्डो का, स्थल, महासागर, जीव-जन्तुओं, वनस्पतियों, फलों तथा भू-धरातल के क्षेत्रों में देखी जाने वाली प्रत्येक अन्य वस्तु का ज्ञान प्राप्त कराना हैं - स्ट्रैबो


भूगोल एक प्राचीनतम विज्ञान है और इसकी नींव प्रारंभिक यूनानी विद्वानों के कार्यों में दिखाई पड़ती है। भूगोल शब्द का प्रथम प्रयोग यूनानी विद्वान इरेटॉस्थनीज ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में किया था।


17वीं सदी का प्रारंभिक काल नवीन 'वैज्ञानिक भूगोल की शुरुआत का गवाह बना। कोलम्बस, वास्कोडिगामा, मैगलेन और थॉमस कुक इस काल के प्रमुख अन्वेषणकर्ता थे।


वारेनियस, कान्ट, हम्बोल्ट और रिटर इस काल के प्रमुख भूगोलवेत्ता थे। इन विद्वानों ने मानचित्रकला के विकास में योगदान दिया और नवीन स्थलों की खोज की, जिसके फलस्वरूप भूगोल एक वैज्ञानिक विषय के रूप में विकसित हुआ।


रिटर और हम्बोल्ट का उल्लेख बहुधा आधुनिक भूगोल के संस्थापक के रूप में किया जाता है।


हार्टशॉर्न जैसे अमेरिकी और यूरोपीय भूगोलवेत्ताओं ने इस दौरान अधिकतम योगदान दिया।


हार्टशॉर्न ने भूगोल को एक ऐसे विज्ञान के रूप में परिभाषित किया जो क्षेत्रीय विभिन्नताओं का अध्ययन करता है।


हिकेटियस को भूगोल का पिता कहा जाता है जिसने भूगोल से संबंधित 'जेस पीरिमोड्स' पुस्तक लिखा।


पौलीडोनियस को भौतिक भूगोल का जनक कहा जाता है।


सर्वप्रथम यूनानी दार्शनिक अरस्तु ने विश्व को गोलाभ कहा।


ब्रह्मांड

द्रव्य और ऊर्जा के सम्मिलित रूप को ब्रह्मांड कहते हैं।


ब्रह्माण्ड की संरचना के बारे में अवधारणाएं समय के साथ बदलती रही है।


भूकेन्द्रीय सिद्धांत (Geocentric Theory) इस सिद्धांत का प्रतिपादन खगोल शास्त्री क्लाडियस टॉलमि ने 140 ई. में किया जिसके अनुसार पृथ्वी सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के केंद्र में स्थित है और सपूर्ण ब्रह्माण्ड उसकी परिक्रमा करता है।


सूर्य केन्द्रीय सिद्धांत (Hellocentric Theory) - इस सिद्धांत का प्रतिपादन पोलेंड के खगोल शास्त्री निकोलस कॉपरनिकस ने 1543 ई. में किया जिसके अनुसार सूर्य सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के केंद्र में स्थित है और सपूर्ण ब्रह्माण्ड उसकी परिक्रमा करता है।


ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति के सिद्धांत

धूल परिकल्पना - आटोरिमड


निहारिका परिकल्पना लाप्लास


साम्यावयस्था सिद्धांत (Steady State Theory) थोमस गोल्ड व हर्मन बॉडि


दोलन सिद्धांत ( Pulsating Universe Theory) - डॉ एलन संडेजा


स्फीति सिद्धांत (Inflationary Theory) - अलेन गुथ


बिग बैंग सिद्धांत ( Big Bang Theory) - जॉर्ज लैमेन्टेयर


जार्ज लैमेन्टेयर बेल्जियम के रहने वाले थे। इन्होंने ही बिग बैंग सिद्धान्त अर्थात महाविस्फोट का सिद्धांत दिया।


जार्ज लैमेन्टेयर के अनुसार लगभग 15 अरब वर्ष पहले सारे खगोलीय पिंड अर्थात तारे, ग्रह, गैलेक्सी, धूमकेतु सभी एक सघन पिंड के रूप में थे।


कालक्रम में इस सघन पिंड में एक महाविस्फोट हुआ तथा यह सघन पिंड अनेक ब्रह्मांडीय पदार्थों के रूप में दूर दूर छिटक गए जिसे हम गैलेक्सियों के रूप में देखते हैं। 


आज भी यह गैलेक्सिया एक दूसरे से दूर जा रहे हैं अर्थात आज भी ब्रम्हांड का विस्तार हो रहा हैं, न कि सकुचन ।


गैलेक्सी

महाविस्फोट के बाद ब्रह्मांड कई गैलेक्सियों में विभक्त हो गया।


एक केंद्र के चारों तरफ चक्कर लगाते अरबो तारो के समूह को गैलेक्सी कहते हैं।


अनुमानतः 100 अरब गैलेक्सियाँ हैं।


1 गैलेक्सी में लगभग 100 अरब तारे हैं।


गैलेक्सी के केंद्र को बल्ज कहते हैं, बल्ज में तारों का घनत्व अपेक्षाकृत बहुत ज्यादा होता हैं क्योंकि तारे एक दूसरे से काफी नजदीक होते हैं।


केंद्र से बाहर की ओर जाने पर तारों के बीच की दूरी बढ़ती चली जाती हैं तथा घनत्व भी कम हो जाता हैं।


आकाशगंगा या मन्दाकिनी

ब्रम्हाण्ड के 100 अरब गैलेक्सियों में से एक गैलेक्सी आकाशगंगा हैं। हमारा सूर्य अर्थात सौरमंडल का मुखिया जिस गैलेक्सी में स्तिथ हैं, उसे आकाशगंगा कहते है। सूर्य अपने आठ ग्रहों के साथ आकाशगंगा के केंद्र का चक्कर लगा रहा हैं।


सूर्य 25 वर्ष में आकाशगंगा के केंद्र का चक्कर लगाता है इसे हम ब्रम्हाण्ड कहते हैं।


चन्द्रमा रहित आसमान में रात में सफेद रंग की धुंधली से चादर की एक चौड़ी पट्टी दिखाई देती हैं (दक्षिण से उत्तर की और) जो आकाशगंगा की ही कोई एक भुजा हैं जिसे हम milkway कहते हैं।


आकाशगंगा के पास स्तिथ सबसे नजदीक गैलेक्सी का नाम एंड्रोमेडा हैं। - ओरियन नेबुला- आकाशगंगा के सबसे चमकीले तारों का समूह है।


साइरस या डॉग स्टार सूर्य के बाद सबसे चमकीला तारा परन्तु यह रात में सूर्य की अनुपस्थिति में देखा जा सकता है।


सूर्य के बाद सबसे चमकीला पिंड चन्द्रमा हैं तथा चन्द्रमा के बाद सबसे चमकीला पिंड शुक्र हैं।


तारे टिमटिमाते हैं पर ग्रह नही टिमटिमाते हैं, इसका कारण यह है, तारा के पास अपना उष्मा एवं प्रकाश होता हैं परंतु ग्रह किसी तारे से उष्मा एवं प्रकाश ग्रहण करते हैं।


प्रॉक्सिमा सेंचुरी सूर्य का सबसे नजदीक का तारा है।


ब्रह्मांडीय दूरी मापने का मापक प्रकाश वर्ष हैं। 1 प्रकाश वर्ष- एक वर्ष में प्रकाश द्वारा तय की गई दूरी होती है 9.46×1012 km or 9.46x1015m


सबसे पहले 1609 ई. में गैलिलियो ने दूरबीन की सहायता से रात में तारों का अध्ययन किया था।


गैलिलियो ने दूरबीन की सहायता से ऐसे कई तारो की खोज की जिन्हें नंगी आंखों से नही देखा जा सकता था।



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तारा

तारो में अपनी उष्मा एवं प्रकाश होती हैं। इनके उष्मा का स्त्रोत नाभिकीय संलयन की क्रिया है।


तारो में अपार मात्रा में हाइड्रोजन होता हैं तथा यह तारों का ईंधन होता हैं।


जब हाइड्रोजन के चार नाभिक मिलकर एक हीलियम (He) के नाभिक का निर्माण करे तो इस क्रिया को नाभिकीय संलयन की क्रिया कहते हैं।


इस क्रिया में अपार ऊर्जा मुक्त होती हैं। और नाभिकीय संलयन की क्रिया में उत्पन्न यही ऊर्जा तारों के ऊष्मा एवं प्रकाश के स्त्रोत होते हैं-H+H+H+H+ =He+ अपार ऊर्जा


किसी भी तारे का हाइड्रोजन एक समय ऐसा आएगा कि समाप्त हो जाएगा तथा नाभिकीय संलयन की क्रिया रुक जाएगी तथा तारा अपना उष्मा एवं प्रकाश खो देगा तथा ठंडा हो जायेगा अतः तारों का जीवन एक निश्चित अवधि का होता हैं।


तारों के आकार और जीवन मे व्युत्क्रमानुपाती सम्बन्ध होता हैं अर्थात बड़ा तारा का जीवन अवधि कम तथा छोटा तारा का जीवन अवधि अधिक होगा।


किसी तारे के जीवन की प्रारम्भिक अवस्था में उसमें हाइड्रोजन अपार मात्रा में रहता हैं जिसके कारण नाभिकीय संलयन की क्रिया के तहत उष्मा एवं प्रकाश भी अपार मात्रा में उत्सर्जित होता रहता हैं।


परन्तु कालक्रम में हाइड्रोजन का मात्रा घटता चला जाता हैं और तारा का रंग भी बदलता चला जाता हैं। और तारा का तापमान भी कम होता चला जाता हैं।


जब किसी तारे का उष्मा समाप्त हो जाता हैं तो वह लाल हो जाता हैं। और उसे लाल तारा या रेड जायन्त कहते हैं ।


लाल तारा का बाहरी सतह फैलता रहता हैं तथा एक समय ऐसा आता हैं कि विस्फोट हो जाता हैं इसे सुपरनोवा विस्फोट कहा जाता हैं।


लाल तारा मे सुपरनोवा विस्फोट के बाद बचे हुवे अवशेष का द्रव्यमान अगर सूर्य के द्रव्यमान के 1.44 गुणा से कम होता हैं तो वह white dwarf अर्थात श्वेतमान तारा एक ठंडा तारा होता हैं। परन्तु कालक्रम में यह अत्यधिक ठंडा होने पर black dwarf तारा बन जाता हैं।


परन्तु 1.44 से अधिक होने पर वह न्यूट्रॉन तारा या पल्सर तारा बन जाता हैं।


न्यूट्रॉन तारा धीरे धीरे सिकुड़ता चला जाता हैं अर्थात तारे का पूरा द्रव्यमान और घनत्व एक बिंदु पर आकर ठहर जाता हैं जिसके कारण इसका घनत्व असीमित हो जाता हैं तथा गुरुत्वाकर्षण इतना अधिक हो जाता हैं कि अपना पूरा द्रव्यमान अपने अंदर समेट लेता हैं।


गुरुत्वाकर्षण शक्ति इतनी अधिक होती हैं कि प्रकाश का भी पलायन नही हो पाता अतः इसी कारण इसका रंग काला होता हैं। और इसे black hole या कृष्ण छिद्र या कृष्ण विवर कहते हैं।



GK Questions and Answers on the General Concepts of Universe


Q. सूर्य को हमारी आकाशगंगा के केंद्र की परिक्रमा करने में कितना समय लगता है? (A) 50 करोड़ वर्ष (B) 2.5 करोड़ वर्ष (C) 10 करोड़ वर्ष (D) 25 करोड़ वर्ष उत्तर: (D) 25 करोड़ वर्ष Q. निम्नलिखित में से कौन सी खगोलीय घटना तारों के कारण होती है? (A) धूमकेतु (B) ओजोन (C) ब्लैक होल (D) इंद्रधनुष उत्तर: (C) ब्लैक होल Q. निम्नलिखित में से कौन सी अवधारणा सितारों से परे सीमा से संबंधित आंतरिक पतन से ग्रस्त है? (A) फाउलर सीमा (B) चंद्रशेखर सीमा (C) एडिंगटन सीमा (D) हॉयल सीमा उत्तर: (B) चंद्रशेखर सीमा Q. निम्नलिखित में से किसने ब्लैक होल का सिद्धांत प्रतिपादित किया? (A) हरगोविंद खुराना (B) सी वी रमन (C) एच जे भाभा (D) एस चंद्रशेखर उत्तर: (D) एस. चंद्रशेखर Q. अभिकथन (A) : ब्लैक होल एक खगोलीय इकाई है जिसे दूरबीन से नहीं देखा जा सकता है। कारण (R) : ब्लैक होल पर गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र इतना प्रबल होता है कि यह प्रकाश को भी बाहर नहीं निकलने देता। कोड: (A) A और R दोनों सत्य नहीं हैं (B) A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या करता है (C) A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता है (D) ए सच है लेकिन आर झूठा है उत्तर: (C) A और R दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता है Q. सौरमंडल के बाहर सबसे चमकीला तारा कौन सा है? (A) बीटा सेंचुरी (B) सीरियस (C) प्रॉक्सिमा सेंटॉरी (D) अल्फा सेंटौरी उत्तर: (B) सीरियस Q. सौरमंडल के निम्नलिखित में से कौन सा ग्रह गोल्डीलॉक्स जोन से जुड़ा है? (A) बुध (B) मार्स (C) पृथ्वी (D) बृहस्पति उत्तर: (C) पृथ्वी Q. 'बिग बैंग थ्योरी' निम्नलिखित में से किससे संबंधित है? (A) ज्वालामुखियों का विस्फोट (B) महाद्वीपीय बहाव (C) ब्रह्मांड की उत्पत्ति (D) हिमालय की उत्पत्ति उत्तर: (C) ब्रह्मांड की उत्पत्ति Q. आकाशगंगा को _________ के रूप में वर्गीकृत किया गया है। (A) गोल आकाशगंगा (B) सर्पिल गैलेक्सी (C) विद्युत आकाशगंगा (D) अनियमित आकाशगंगा उत्तर: (B) सर्पिल गैलेक्सी Q. तारे का रंग क्या दर्शाता है? (A) तापमान (B) सूर्य से दूरी (C) प्रकाश या चमक (D) पृथ्वी से दूरी उत्तर: (A) तापमान तापमान: Type Colour Celsius O नीला 25,000-40,000 B नीला 11,000-20,000 A नीला-सफ़ेद 7,500-11,000 F सफ़ेद 6,000-7,500 G पीला 5,000-6,000 K ऑरेंज 3,500-5,000 M लाल 3,000-3,500

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