Accenture CEO Julie Sweet: प्रमोशन के लिए अब AI स्किल्स हैं जरूरी, जानिए कैसे बनीं दिग्गज लीडर (2026)
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Accenture CEO Julie Sweet: प्रमोशन के लिए अब AI स्किल्स हैं जरूरी, जानिए कैसे बनीं दिग्गज लीडर
क्या आप जानते हैं दुनिया की सबसे बड़ी कंसल्टिंग कंपनी Accenture (एक्सेंचर) ने हाल ही में अपने 7,74,000 से ज्यादा कर्मचारियों के लिए प्रमोशन का नियम बदल दिया है? सीधी भाषा में समझें तो अब अगर आप Accenture में प्रमोशन चाहते हैं तो आपको Artificial Intelligence (AI) आना ही होगा। इस बड़े फैसले के पीछे की वजह हैं कंपनी की CEO जूली स्वीट।
बात करें जूली स्वीट की तो वो सिर्फ एक CEO नहीं हैं, बल्कि Accenture की पहली महिला CEO होने का गौरव रखती हैं। उनका सफर बेहद प्रेरणादायक है। एक कॉर्पोरेट लॉयर से शुरू होकर आज वो दुनिया की सबसे ताकतवर बिजनेस लीडर्स में गिनी जाती हैं। टाइम मैगजीन ने 2024 में उन्हें दुनिया की 100 सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में शामिल किया।
इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि जूली स्वीट का सफर कैसा रहा, उन्होंने Accenture में प्रमोशन के नियम क्यों बदले, और हम उनकी लीडरशिप से क्या सीख सकते हैं।
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🤖 Accenture में प्रमोशन का नया नियम: "नो AI, नो प्रमोशन"
पिछले दिनों Accenture की CEO जूली स्वीट ने एक बड़ा ऐलान किया जिसने पूरी कॉर्पोरेट दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने साफ कहा कि जो कर्मचारी प्रमोशन चाहते हैं, उनके लिए AI टूल्स की प्रोफिशिएंसी (दक्षता) अनिवार्य होगी।
📢 क्या कहा जूली स्वीट ने?
"अगर आप प्रमोशन चाहते हैं, तो आपको वो सब करना होगा जो Accenture को चलाने के लिए जरूरी है। AI अब कंपनी को ऑपरेट करने का नया टूल है। हमने एक दिन में यह नियम नहीं बना दिया। यह तीन साल की लंबी प्रक्रिया का नतीजा है, जिसमें हमने टेक्नोलॉजी को यूजर-फ्रेंडली बनाया और लोगों को इसका अभ्यस्त होने का मौका दिया। आज AI ही Accenture में काम करने का तरीका है।"
🔍 क्यों लिया यह फैसला?
- 📈 बिजनेस की मांग: क्लाइंट्स अब तेजी से ऑटोमेशन और AI से मिलने वाले सॉल्यूशंस चाहते हैं।
- 🔄 कंपनी का रीवायरिंग: जूली स्वीट खुद कहती हैं कि AI को सिर्फ एक ऐड-ऑन की तरह नहीं लेना चाहिए, बल्कि इसके लिए पूरी कंपनी को रीवायर (नए सिरे से तैयार) करना होता है।
- 💰 बड़ा निवेश: Accenture ने 2023 में AI को इंटीग्रेट करने के लिए तीन साल का $3 बिलियन का निवेश कार्यक्रम शुरू किया था। सितंबर 2025 में कंपनी ने कर्मचारियों को रीस्किल करने के लिए $865 मिलियन और खर्च किए।
🧑💻 कितने कर्मचारी हुए तैयार?
आंकड़ों पर नजर डालें तो Accenture पहले ही इस दिशा में काफी आगे निकल चुकी है। 2022 में जब जनरेटिव AI आया था, तब महज कुछ दर्जन लोग ही इस पर काम कर रहे थे। आज कंपनी का डेटा और AI टीम का आकार 77,000 प्रोफेशनल्स का हो गया है और उन्होंने 6,000 से ज्यादा AI प्रोजेक्ट्स डिलीवर किए हैं।
जूली स्वीट इस बदलाव की तुलना उस दौर से करती हैं जब ऑफिस में कंप्यूटर आए थे। "किसी ने यह नहीं कहा था कि कंप्यूटर का इस्तेमाल करना जबरदस्ती है, क्योंकि कंपनी का काम उसी से होना था। आज AI भी बिल्कुल वैसा ही है।"
👩💼 कौन हैं जूली स्वीट? एक लॉयर से CEO तक का सफर
जूली स्वीट का जन्म 1967 में कैलिफोर्निया के एक छोटे से शहर Tustin में हुआ था। उनके पिता कार पेंटर थे और मां ब्यूटीशियन। पैसे कम ही थे, लेकिन सपने बड़े थे।
💪 संघर्ष के दिन और पिता की सीख
महज 14 साल की उम्र में जूली ने एक डिनर थिएटर में नौकरी कर ली थी, ताकि खुद के जूते खरीद सकें। वो डिबेट कॉम्पिटीशन में हिस्सा लेती थीं और जीतने पर मिलने वाले प्राइज मनी से अपना खर्च चलाती थीं।
एक बार वो डिबेट का सेमीफाइनल हार गईं। घर आकर उन्होंने पिता से शिकायत की... उनके पिता ने जो जवाब दिया, वो उनकी जिंदगी बदल गया। उन्होंने कहा, "तुम कभी क्लब प्रेसिडेंट की बेटी नहीं बन सकतीं, इसलिए तुम्हें बाकियों से बेहतर बनना होगा। आज तुम उससे ज्यादा बेहतर नहीं थी।"
🎓 पढ़ाई और करियर की शुरुआत
जूली ने Claremont McKenna College से इंटरनेशनल रिलेशंस में पढ़ाई की और फिर Columbia Law School से लॉ की डिग्री ली।
- 1992: न्यूयॉर्क की मशहूर लॉ फर्म Cravath, Swaine & Moore जॉइन किया।
- 2010: Accenture में जनरल काउंसल (मुख्य कानूनी अधिकारी) बनीं।
📱 टेक्नोलॉजी सीखने का जुनून
जब वो Accenture आईं, तो उन्हें टेक्नोलॉजी की ज्यादा समझ नहीं थी। वो मानती हैं कि उस वक्त उन्हें यह भी नहीं पता था कि "क्लाउड" क्या होता है। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कंपनी के एक एक्सपर्ट भास्कर घोष से 18 महीने तक हर दो हफ्ते में प्राइवेट ट्यूशन ली और टेक्नोलॉजी की बारीकियां सीखीं।
🏔️ चोटी पर पहुंचना
- 2015: Accenture के नॉर्थ अमेरिका बिजनेस की CEO बनीं।
- 2019: सितंबर में Accenture की ग्लोबल CEO बनीं।
- 2021: बोर्ड की चेयरपर्सन भी बन गईं।
उनके नेतृत्व में कंपनी ने शानदार ग्रोथ की है। 2018 में जहां Accenture का मार्केट कैपिटलाइजेशन $90 बिलियन था, वो 2025 तक बढ़कर $149 बिलियन हो गया। रेवेन्यू $41 बिलियन से $65 बिलियन तक पहुंच गया।
🔑 जूली स्वीट की लीडरशिप के 3 सीक्रेट
"अगर आप लीड कर रहे हैं तो आपको लोगों को बदलने में मदद करनी होगी।" Accenture में हर कर्मचारी साल में औसतन 40 घंटे की ट्रेनिंग लेता है।
"मेरी सबसे बड़ी ताकत है मदद मांगना। यह विनम्रता और अच्छी टीम बनाने से जुड़ा है।"
"AI की वजह से कुछ जॉब्स खत्म होंगे... इसलिए एम्पैथी और कम्युनिकेशन जैसी स्किल्स पर भी काम करना होगा।"
📌 निष्कर्ष
तो इस तरह Accenture की CEO जूली स्वीट न सिर्फ एक कंपनी चला रही हैं, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के लिए एक मिसाल पेश कर रही हैं। उनका "नो AI, नो प्रमोशन" वाला फैसला एक साफ संकेत है कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी की समझ हर क्षेत्र में उतनी ही बुनियादी हो जाएगी, जितनी आज कंप्यूटर चलाना है। अगर आप अपने करियर में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो अभी से नई टेक्नोलॉजी सीखना शुरू कर दीजिए।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
A: हां, CEO जूली स्वीट ने साफ किया है कि अब प्रमोशन के लिए AI स्किल्स अनिवार्य हैं।
A: अनुमानित नेट वर्थ $20-25 मिलियन के आसपास है।
A: Unse hum continuous learning, adaptability, aur humility seekh sakte hain.
⚠️ अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह कोई निवेश या करियर सलाह नहीं है।
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